Sunday, February 14, 2016

भेलेंटाइन डे पड़ रो बल आज।

भेलेंटाइन डे पड़ रो बल आज।

ओरि काओ है रे बल।  लोग बाग़ भूति रयिं बल।  जाने कतु दिन बटि बोई रयिं , पट्ट ने के बात है गे। परबेली बटि ज्यादे है रो कौ।  अणकश्य सेलिब्रेशन होरा ठहरा कहा।

हग दे : अब यौ के नाम भे यार, पत् ने यार के छू , गौं फ़ना तोह हग देने  का मतलब कुछ और ही होने वाला ठहरा।  क्यप् छू यार। अब एक हफ़्त बटि यश कर राखो के बतूं पे।  बिठरी ज रयिं सब।

रात दिन आजकल "मेले बाबू ने खाना खाया" है रो।  मेल सोचि यार अपर्ण बौज्यु लिजी चिंता है रे हुनली , अब मकें के पत् च्यल, चेलि नाम बाबू पड़ रौ।  हसने हसने भाँट दुखन है गछि।

बुड-बाडी  ले बोई रयिं यां , भ्यार भौल घाम ए रो , उकं छोड़ बेर mall मजि डोई रयिं।  के है गो हो , पे यार भार शहर मैं आके तो बाकि पगली गयीं यार। अणकश्य है जां यार यां। के लिखूं पे अब, मुनौ पट्ट बुजि जे गो।

और तुम ले बताया पे, के हुनेर भे भेलेंटाइन डे।

नमस्कार हो पे।

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