Sunday, October 18, 2015

मच्छर काऊ लॉग रिं यार।

के बतूं महाराज, जस कर राखो कर राखो इनूल।  इतु ठुल मच्छर है रयिं माख जस।  धधोड़ हैलो यार।  बुके बुके बेर हालत खराब कर हैली पे।

के ले लगे दिया, allout etc etc , जौर ले नि आँ।  भ्यार भीतेर जां मुश्किल है रो।  आई एक दिन नानु नान क्यप्प कागज जस ले रो छी कोई , ले बेर भडि दी , वील सारे घर फन धूं  भरी गो, सांस लेना मुश्किल हो जाने वाला ठहरा ऐसे मैं तो।  पे ये मच्छर पत्त ने कथां से ट्रेनिंग लेके आये ठहरे , साल एक नि मरो , जातु छी सब बेहोश है गयीं हो , पे जरा देर मैं ठाड़ गयीं।

भौत्ते परेशान कर राखो यार।  ब्याओ रात मैं तोह ठीक ठहरा , साल दिन  म  ले बुके दिनी यार।  पेली बटी मच्छर ले अरामल भेटण दिछि ने , जसके कोई अरामल भे गोय ऊई बाद काटहुँ एछी ।  आजकल इतु धूर्त है ऋ , हिटने हिटने बुके दिनी यार।  पे भुला भौत्ते परेशानी है रे पे।  के करूँ अब।

राति राति बर , announcement  होने वाला ठेह्रा यहाँ रोज।  ये मौसम मछरों के लिए अनुकूल है।  १ साल हैगो सुनते सुनते , पत् ने को मौसम छू जो अनुकूल नई छू।  हर मौसम मैं तो बुका देने वाले ठहरे।

पे भुला भौत्ते दिमाग खराब है रो यां।  के रास्ता बता देते तोह भौल है जे छी। के इलाज बाटे दिया पे हाँ , नतर के करूँ पे।

नमस्कार। 

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