Saturday, October 26, 2013

पहाड़ी क्लास

अब यो पोस्ट उनर लीजी छु जो कुणी हमको पहाड़ी बोलनी नि आने वाली ठहरी | अब कां ब्टी आल हो, घर फ़ना कोय बुलाने नि भे, भयार गयी ताले hi O माई god है जाँ | अब महाराज जब कोशिश करला तभते के हॉल ने |

आजकल के है गो ने इज बाबू ले कथां बुलानी पहाड़ी मजि, अब इज बाबू नि बुलाल पे नान-तिन काँ बटी सिखल यार पे अघिल बटी कोशिश करिया हाँ | अब आज लिजी मणि चीज़ बतौर्ण लाग रुई पे, याद रखिया हाँ :

     -- १) त्यर नाम के छु / त्यर नाम के भे  [ ये छोटों से पूछने ने लिए]
     -- २) तुमर नाम के छू / तुमर नाम के भे [ अपने से बड़ो या बराबर वालों से ]

आज लिजी इतु काफी होई पे | बाकी बादम बतूल पे हाँ |

नमस्कार| 

No comments: