Tuesday, February 5, 2013

नमस्कार हो बाप्शेब।

अब आजकल के हूँ के ने यार। Life भौते complex है गे कौ, अब पेली बटि इतु के चीज़ हुनर नि भे, पे जेले जस ले होई भल छि हो। अब आजकल कतु ज चीज़ है गयीं, कभ्ते- कभ्ते क्यप है जां यार। पेली जे मिल गो घर भितेर जे मिलौल, सब भकोर दिर्ण होई, पे उइ बाद इज कुनेर होई सब खे है, कभ्ते मेहमान ए गोयीं, ताले के नि मिलौल खाहूँ।

पे the day मेहमान आयीं घर, जे चीज़ खाहूँ धरला, सब हमर पेटम जार्ण होई, किले की पत् होई बादम के नि मिलौल खाहूँ। यस हो जाने वाला हुआ पे।

कुबद्दर काम होई दिन भर, के काम धाम नि होई, दिनमान भर भ्यार माटम भे बेर, लुकुड खराब , कभ्ते लडे है पडि ताले  मुख धडोड़ दी, पे उइ बाद घर पूज बेर मार खाणी होई। मेल ले भौते मार खे राखी हो, अब काम ले उल्ट-सिद होई हो, कभ्ते के वां के उखेल दी कभ्ते के भड़े दी। 

यस्से अटरम-सटरम काम कर बे दिन कटि गईँ हो। अब आजकल के हूँ, क्यप है गो सब, राती 9 बाजि उठर्ण होई, पे ऑफिस जर्ण होई, ब्याव हूँ घर पूज बेर खार्ण खे बेर से जर्ण होई यार, limited है गे अब life ने। अब यो ब्लॉग लिखर्ण भौल हो यार, किले की टैम  कट जां यार।

अघिल बादम लिकुल पे यर, से जानू यर अब।

नमस्कार।

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