ओ हो बाब्शेब, के है ऋ हाल चाल, आजकल यस्से चल रो हो, के नयी जस ले नि है रो पे, अब आजकल ऑफिस मजी रुकर्ण ले कम कर हेलो यार . दिमाग खराब है गो छि यार , काम काम कतु करला यार . पुठं पीड है रे .
अब यश है रो पे. अब होली ले और्ण वाल छू, अब इ बार जे हूँ हो, किले की सब दगडी नहे गयीं भ्यार, अब सब ऐ जां छि पे भाल लागूं ने .
पेली बटी होली मजी फतोड़ा फतोड़ है जां छि यार . सारे लुकुड फाड़ बेर , सारे मुखं पेंट लगे बेर , बाकि बानर ज है जर्ण होई. कान भितेर ले रंग लगे दिनि. बादम जब नाहूँ जला पे उनेर हुई गाव गाव. कभ्ते कभ्ते याद ए जें पे नौक लागूं यार. अब उ पेंट वालि होली खेलर्ण बंद कर है लो यार, किले की अब उ वाल भाल पेंट नि ऊं यार , एक बार लगे दी उई बाद मूख़ धदोड़ी जां यार.
पे आई के लिखूँ हो, इतु enough है गो पे अब. अगहिल फेर के नयी जस लिखुल पे हाँ.
नमस्कार
अब यश है रो पे. अब होली ले और्ण वाल छू, अब इ बार जे हूँ हो, किले की सब दगडी नहे गयीं भ्यार, अब सब ऐ जां छि पे भाल लागूं ने .
पेली बटी होली मजी फतोड़ा फतोड़ है जां छि यार . सारे लुकुड फाड़ बेर , सारे मुखं पेंट लगे बेर , बाकि बानर ज है जर्ण होई. कान भितेर ले रंग लगे दिनि. बादम जब नाहूँ जला पे उनेर हुई गाव गाव. कभ्ते कभ्ते याद ए जें पे नौक लागूं यार. अब उ पेंट वालि होली खेलर्ण बंद कर है लो यार, किले की अब उ वाल भाल पेंट नि ऊं यार , एक बार लगे दी उई बाद मूख़ धदोड़ी जां यार.
पे आई के लिखूँ हो, इतु enough है गो पे अब. अगहिल फेर के नयी जस लिखुल पे हाँ.
नमस्कार