Tuesday 28 February 2012

और के है ऋ ?

ओ हो बाब्शेब, के है ऋ हाल चाल, आजकल यस्से चल रो हो, के नयी जस ले नि है रो पे, अब आजकल ऑफिस मजी रुकर्ण ले कम कर हेलो यार . दिमाग खराब है गो छि यार , काम काम कतु करला यार . पुठं पीड है रे .

अब यश है रो पे. अब होली ले और्ण वाल छू, अब इ बार जे हूँ हो, किले की सब दगडी नहे गयीं भ्यार, अब सब ऐ जां छि पे भाल लागूं ने .

पेली बटी होली मजी फतोड़ा फतोड़ है जां छि यार . सारे लुकुड फाड़ बेर , सारे मुखं पेंट लगे बेर , बाकि बानर ज है जर्ण होई. कान भितेर ले रंग लगे दिनि. बादम जब नाहूँ जला पे उनेर हुई गाव गाव. कभ्ते कभ्ते याद ए जें पे नौक लागूं यार. अब उ पेंट वालि होली खेलर्ण बंद कर है लो यार, किले की अब उ वाल भाल पेंट नि ऊं यार , एक बार लगे दी उई  बाद मूख़ धदोड़ी जां यार.

पे आई के लिखूँ हो, इतु enough है गो पे अब. अगहिल फेर के नयी जस लिखुल पे हाँ.

नमस्कार

Sunday 5 February 2012

पहाड़ी शब्दकोष

नमस्कार हो ,

पहाड़ी शब्दकोष लिजी के नयी शब्द :

दाड़ा दाड :  भौति ज्यादा रोना [ जसके स्कूल पूजि , वीले घर जाहूं दाड़ा दाड कर दी . ]

धदोड़ :  भौति ज्यादा काट देना / नोच देना [ स्कूल पूज बेर वील पत्थर मार दी मुन छतम [bee hive], काल वाल मुनले इतु धदोड़ दी , मुख बानर जे बने दी ]

थेचा थेच :   बहुत मारना / [ अब बाजार जे रो छि , वां लड़े हा पड़ी , जा देरम  वां थेचा थेच है गे ]

अग्हिल फेर आई बतूल पे हाँ .

Tuesday 20 December 2011

घटाकोप है रो

आजकल भौते जाड है रो यार , राति बेर इतु कोहरा है रो ज़डेल हालत खराब है गे । भयर- भितेर
जार्ण भौते difffucult है गो यार
अब now-a-days  टेम ले change  है गो ने , अब आजकल इतु facility है गयीं  के ज़रा ठण्ड है ने , हीटर चले दी  या ac  चले दी . 
अब पेली ज हिसाब ले नि होई पे , पेली बती सुविधा के है ने , उस्के जार्डम दिन कटर्ण होई . हाथ खुट दुखन  है गयीं हो . नाहूँ लिजी ले  सोचर्ण पडूँ यार .  अब यार ऑफिस जरन होई पे , अब जस्के तस्के  ने लीनु यार .
यस है रो पे .



Thursday 15 December 2011

हालत खराब है गी यार :(

नमस्कार हो , आजकल भौते पीड़ है रे यार पुठं।
अब यार एक दिन दिल्ली मजी hair cut लिजी जए रो छि , अब बाव काट बेर वील काउ कि मसाज ले कर दिनु , पे मेल कौ ठिक छूअब महाराज मसाज के होई , मकं इतु ठेच दी वील अब के बते द्दियु, वीले हाथ - गर्दन इतु मरोड़ दी यार , सारे पुठं इतु दनके दी यार , दाड छि यार
दिन बटी आज एक माह है गो , आई ताले पीड ले ठीक नि है रे यार , भल मसाज करी वील यार , मार मार बेर म्येर हालत खराब कर दी यारपे यार यश मसाज ले के होई यार , हाथ-खुट अमो दी यारठाड़ हूँ मुश्किल है गो यार
म्येर गर्दन ज़टके दी यार , इतु पीड है रे हो , कभ्ते - कभ्ते इतु गुस्स जां कि मन करां कि कपाव भटके दियुं वीक

Saturday 5 March 2011

आज भल लाग रो यार .

अब यार एक महीर्णबाद घर रोयीं यार , इतु दिमाग अब है गो छि यार

ऑफिस जार्ण ले बिछी गो यार , राति बर बटी ब्याव ताले , कभ्ते - कभ्ते 1 ले बाज जां यार । इतु काम है रो यार अब के करूँ , अब नि कि काम ले करण होई यार , पे यश है रो ।

पेलि बटी जब ताले स्कूलम ची तब ताले सब भल छि यार , अब सब बिजी है गे पे , अब इतु टैम ले ni हूँ यार ।

अब आज डेली जर्ण छि यार , रिज़रवेसन ले करे राख छि , अब जसके स्टेशन पहुची , वां देख्छी के देख्छी , ताले वां ट्रेन कैंसल है पड़ी , अब के करछी पे , वां बटी गोई बस स्टैंड , इतु भीड़ है रे छि यार , लोग बाग़ इथां उत्हां भाजर्ण छि बसे लिजी , जस है रो है रो । पे म्येर लिजी ले भल है गो हो , किले कि एक दिन आई मिल गो , अब भो जूल ।

नमस्कार ।